संसद के मानसून सत्र के 9वें दिन मंगलवार (28 जुलाई, 2026) को लोकसभा में देर रात तक लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 यानी एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा चलती रही. इस दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ने इस बिल के विरोध में अपनी बात रखी.
उन्होंने शायरी के साथ अपनी बात की शुरुआत के साथ कहा कि मैं उन सभी नौजवानों के साथ खड़ा हूं, जो मुसीबत में हैं और जिनकी जिंदगियां पेपर लीक की वजह से खराब हो चुकी है. इसके साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार बेरहमी के साथ नौजवानों के साथ बर्ताव कर रही है. ये युवाओं से पूरी तरह से दूर हो चुकी है और इनमें इनकी तकलीक समझना तो छोड़िए, एहसास भी उनमें खत्म हो चुका है.
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा, ‘आप जुर्माना बढ़ा रहे हैं, आप सजाएं बढ़ा रहे हैं, लेकिन इनके बढ़ाने से कुछ होने वाला है क्या? असल गलती कहां पर है- आपने अकाउंटिबिलिटी को खत्म कर दिया, जांच एजेंसियों को कोई ताकत नहीं दी, न हीं आप जांच एजेंसियों से यह कहते हैं कि जो ये पेपर लीक करते हैं, उन्हें सजा दी जाए.’
उन्होंने नीट री-एग्जाम के लिए भारतीय वायु सेना के विमानों के इस्तेमाल को लेकर टिप्पणी की. उन्होंने कहा, ‘कितनी अफसोस की बात है कि ऐसे विषय में भारतीय वायु सेना का इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रधानमंत्री 130 करोड़ जनता के हैं और वो सिर्फ एक परीक्षा की निगरानी कर रहे हैं और सरकार बड़े फक्र से कहती है कि इस मामले को प्रधानमंत्री खुद देख रहे हैं, इंडियन एयरफोर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है.’
ओवैसी का सरकार पर कुशासन का आरोप
ओवैसी ने आगे कहा, ‘सरकार ये कानून लाकर देश की जनता और नौजवानों को यह संदेश दे रही है कि तुम सड़क पर निकलकर आओ, तब हम डरेंगे. अगर ऐसे संदेश दिए जा रहे हैं तो सरकार को सोचना पड़ेगा कि लोग सिर्फ अराजकता और विरोध प्रदर्शन पर भरोसा रखेंगे, संसद पर भरोसा नहीं रखेंगे.’
उन्होंने अंत में बड़ा बयान देते हुए कहा, ‘आप नौजवानों को छोड़कर हुकूमत करना चाहते हैं. मैं कहना चाहता हूं कि आपके कुशासन (Misgovernance) के कारण कहीं ऐसा न हो जाए कि पड़ोसी देश में जो हुआ, वही यहां भी हो. आप उस आफत को दावत दे रहे हैं.’
