Sagar Liquor Tragedy: सागर। सागर के जहरीली शराब कांड में अब एक नया और बड़ा राजनीतिक मोड़ आ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के दावों पर पूर्व मंत्री अरुणोदय चौबे ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर तीखा पलटवार किया है। चौबे ने दिग्विजय सिंह पर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाते हुए आरोपी की पूरी राजनीतिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि का पर्दाफाश कर दिया है।
पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह पर आरोप , दिग्विजय को नसीहत
अरुणोदय चौबे ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता को इस शराब कांड के आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा को मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से जोड़कर जनता को भ्रमित करना शोभा नहीं देता। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी लिखा कि “पूर्व में सरकार कैसे गिरी आप मुझसे न कहलवाये, आज प्रदेश कांग्रेस की स्थिति आपके रहते क्या है यह कहना उचित नहीं है।”
आरोपी की रसूखदार रिश्तेदारी का पूरा खुलासा
अरुणोदय चौबे ने अपनी पोस्ट में मुख्य आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा (निवासी ग्राम रूसल्ला बहेरिया) के रसूख की पूरी चेन बताई है। उन्होंने खुलासा किया कि सविता सिंह वर्तमान में सागर जनपद की अध्यक्ष हैं। सविता सिंह की बहन अनीता सिंह कुशवाहा सागर जनपद की उपाध्यक्ष हैं। मुख्य आरोपी सिद्धार्थ इन्हीं अनीता सिंह का बेटा है। चौबे ने स्पष्ट लिखा है कि इसमें भतीजे पृथ्वी सिंह का क्या रोल है, यह सब जानते हैं।
होटल और पेट्रोल पंप की आड़ में ‘खेल’
चौबे ने अपनी पोस्ट में आरोपी के रसूख और काले कारनामों की ओर भी इशारा किया है। उन्होंने बताया कि बहेरिया में सिद्धार्थ कुशवाहा का ‘स्वरुचि’ नाम से एक होटल और ‘दीवान विक्रम सिंह’ के नाम से पेट्रोल पंप संचालित होता है। चौबे ने आरोप लगाया है कि वहां क्या-क्या अवैध ‘खेल’ होते हैं, यह किसी से छिपा नहीं है।
पुलिस कार्रवाई पर बनी हुई है नजर
विनायका थाने में लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, अरुणोदय चौबे के इस बड़े खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि मुख्य आरोपी के तार सीधे तौर पर बड़े राजनीतिक रसूखदारों से जुड़े हैं। अब यह देखना अहम होगा कि इन रसूखदार पारिवारिक संबंधों के बीच सागर पुलिस प्रशासन मामले में निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई कर पाता है या नहीं।
एसपी के बयान पर उठे सवाल
उधर, पूरे मामले को लेकर एसपी अनुराग सुजानिया ने बयान दिया, लेकिन उनके बयान में मुख्य आरोपी सिद्धार्थ कुशवाह का नाम नहीं लिए जाने से सवाल खड़े हो रहे हैं। इसे लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली और मामले की जांच को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एसपी के बयान में मुख्य आरोपी का नाम क्यों नहीं लिया गया और क्या पुलिस पूरे मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई कर रही है?
